बारिश बनी मुसीबत: दिल्ली में जलभराव से ट्रैफिक जाम, लोगों का धैर्य टूटा
नई दिल्ली, 15 अगस्त: राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह हुई तेज़ बारिश ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में पानी भरने से सड़कें तालाब में बदल गईं और घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। ऑफिस और स्कूल जाने वालों को लंबी कतारों में फँसकर सफ़र करना पड़ा।
सुबह की बारिश और बिगड़ता ट्रैफिक
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7 से 8 बजे के बीच शहर में औसतन 45 मिमी बारिश दर्ज की गई। अचानक हुई भारी बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया। आईटीओ, मथुरा रोड, नरोना रोड, पालम, आरके पुरम, मयूर विहार, लाजपत नगर और अशोक विहार जैसे प्रमुख इलाकों में पानी भराव की वजह से वाहन रेंग-रेंगकर चले।
जाम के मुख्य कारण
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जलभराव: पुराने और अपर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम के कारण बारिश का पानी जल्दी निकल नहीं पाया।
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सड़क की खराब हालत: गड्ढों में भरे पानी से वाहन चालकों को धीमी रफ्तार अपनानी पड़ी।
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वाहनों का खराब होना: जलभराव में फँसकर कई गाड़ियों के इंजन बंद हो गए, जिससे रास्ता और जाम हो गया।
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दुर्घटनाएँ: कुछ स्थानों पर फिसलन भरी सड़क के कारण हल्की टक्करें भी हुईं।
यातायात पुलिस की प्रतिक्रिया
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्विटर, रेडियो और मोबाइल अलर्ट के ज़रिये लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी। पुलिस ने जलभराव वाले इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की, हालांकि जाम कम होने में काफी समय लगा। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि “मौसम की परिस्थितियों में वाहन धीमी गति से चलाएँ और हेडलाइट्स चालू रखें।”
आम लोगों की परेशानी
दफ्तर जाने वालों का कहना है कि सामान्य दिनों में 45 मिनट का सफ़र आज दो से ढाई घंटे में पूरा हुआ। सोशल मीडिया पर #DelhiRains और #TrafficJam ट्रेंड करने लगे, जहां लोग जाम की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे थे। कुछ स्कूली बसें भी घंटों तक फँसी रहीं, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई।
मौसम का आगे का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश और कभी-कभी तेज़ बौछारों का अनुमान जताया है। साथ ही, तेज़ हवाओं के साथ मौसम के और बिगड़ने की संभावना बताई गई है।
विशेषज्ञों की राय
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में मानसून के दौरान हर साल दोहराई जाने वाली यह स्थिति लंबे समय से बुनियादी ढांचे की कमज़ोरियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, समय पर सड़क मरम्मत और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से ऐसी दिक्कतें काफी हद तक कम की जा सकती हैं।
निष्कर्ष
बारिश भले ही राहत लेकर आई हो, लेकिन इसके बाद लगे जाम ने दिल्लीवासियों का दिन मुश्किल कर दिया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि राजधानी को मानसून से निपटने के लिए बेहतर और टिकाऊ समाधान की सख्त ज़रूरत है।
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